जो लोग कोरोना के लिए सरकार को दोष देते हैं
नवाब साब की तलवार चोरी हो गयी। लोग जत्थो में हवेली पर आकर अफसोस ज़ाहिर करने लगे। पहला जत्था: हज़ूर तलवार रक्खी कहाँ थी? नवाब : भई तकिये के नीचे। जत्था , हज़ूर ने गलती कर दी चोर सब से पहले सिरहाना ही टटोलता है, पैरों में रखनी थी 2 जत्था: हज़ूर रखी कहां थी? नवाब: भई पैरों में। 2 जत्था: हज़ूर पैरों में पड़ी चीज़ का कहाँ होश रहता है, सिरहाने रखते। शाम तक नवाब साब तंग आ गए, रात को मुकन्द लाल आया अफसोस करने। मुकन्द: हज़ूर ने रखी कहाँ थी? नवाब : भई मुकन्द उसे गांड में ले कर सोया था। मुकन्द लाल serious हो कर: हज़ूर ने तलवार का हत्था बाहर छोड़ दिया होगा। *यही स्थिति वर्तमान में कोरोना के बारे में सरकार को सलाह देने वालो की है,लॉक डाउन क्यों लगाया, नही लगाया तो क्यों नही लगाया, लगा कर हटाया तो क्यों नही हटाया, हटाया तो दुबारा क्यों नही लगाया*😂😂