आरक्षण मोलिक अधिकार नहीं है
Court ने 11 jun 2020 काे कहा कि आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है। इसे संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत चुनाैती नहीं दे सकते। तमिलनाडु में मेडिकल
सीटों पर ओबीसी छात्राें काे 50% आरक्षण देने की मांग पर सुनवाई से इनकार करते हुए काेर्ट ने यह
टिप्पणी की। काेर्ट ने याचिकाकर्ता राजनीतिक दलाें काे मद्रास हाई कोर्टके समक्ष यह मुद्दा उठाने काे कहा राजनीतिक दलाें अन्नाद्रमुक, द्रमुक अाैर माकपा की याचिकाअाें पर गुरुवार काे जस्टिस एल नागेश्वर
राव की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई की। याचिकाकर्ताअाें के वकील पी विल्सन ने कहा, ‘हम
काेर्ट से आरक्षण नहीं मांग रहे। हम ताे िसर्फ मेडिकल काउंसिल आॅफ इंडिया के प्रावधान लागू
करवाने का अाग्रह कर रहे हैं। राज्य में ओबीसी आरक्षण लागू नहीं किया जा रहा। इससे हमारे
मौलिक अधिकाराें का हनन हो रहा है।’ इस पर जस्टिस राव ने कहा, यह मौलिक अधिकारों के हनन का मामला नहीं है। इस मामले में सभी विरोधी राजनीतिक दल एकजुट हैं।
लेकिन आरक्षण मौलिक अधिकार नहीं है|
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